विरोध सप्ताह के अंतिम दिन रेलवे कर्मचारीयों ने किया रोष भरपूर प्रदर्षण

मुख्य मांगों संबंधी महाप्रबंधक  रवीन्द्र गुप्ता को मांग पत्र भी सौंपा गया

कोविड – 19 की आड़ में मोदी सरकार किसानों, मजदूरों, मेहनतकश लोगों के साथ कर रही है धोखा-सर्वजीत सिंह

हुसैनपुर ,26 जून (कौड़ा) (समाज वीकली):  देश की मोदी सरकार के मंसूबे अब जग जाहर हो गए हैं। पहले वह पर्दे के पीछे कॉरपोरेटों के साथ मिल कर काम करती थी लेकिन अब वह खुलेआम पूंजीपतियों के हाथों में खेल रही है जिसका ताजा उदहारण रेल मंत्री का वो बयान कि प्राइवेट कंपनी अपनी मनमर्जी के पसंदीदा रूट पर निजी रेल गाड़ी चला सकेंगे।

ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसलिंग फार ट्रेड यूनियन व इंडियन रेलवे एम्प्लॉयज फेडरेशन के आह्वान पर रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में 19 जून से लेकर 26 जून तक विरोध सप्ताह मनाया गया। जिस के तहत आज डॉ. बी. आर. अम्बेडकर चौंक (वर्कशॉप गेट) पर विरोध सप्ताह के आखिरी दिन 26 जून को कर्मचारियों ने अपना रोष प्रदर्शन किया।

जिसमें जानकारी देते हुए श्री मनजीत सिंह बाजवा, संयुक्त सचिव, आर. सी. एफ. एम्पलाईज यूनियन ने कहा कि आर.सी.एफ प्रशासन मनमाने ढंग से फैक्ट्री में आउटसोर्सिंग/ठेकेदारी करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि वह कर्मचारी विरोधी नीतियों का डट्ट कर विरोध करेंगे। युवा नेता श्री तलविंदर सिंह ने बताया कि कैसे आज केंद्र की मोदी सरकार देश के सार्वजनिक संसाधनों जैसे रेलवे, ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों,कोयला उद्योग, भारतीय जीवन बीमा निगम, भारत पेट्रोलयम, एयर इंडिया जैसे महत्वूर्ण संसाधनों के निजीकरण की ठान ली है।

श्री अमरीक सिंह ने बताया कि आज आर.सी.एफ में ही नहीं बल्कि पूरे देश व पूरे रेलवे में इन मजदूर, किसान विरोधी नीतियों का विरोध हो रहा है उन्होंने कहा कि आज क्रोना महामारी के समय देश की जनता सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठी थी ठीक उसी समय मोदी सरकार ने संकट को अवसर समझ कर देश के कुदरती संसाधनों, सरकारी संस्थानों, देश के मेहनतकश लोगों को बेतहाशा लूट के लिए दुनिया भर के पूंजीपती लुटेरों के रेहमोकर्म पर छोड़ने का फैसला ले लिया है।

श्री सर्वजीत सिंह, जनरल सैक्टरी , ने विरोध सप्ताह की मुख्य मांगें जैसे…. कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता बहाल किया जाए, पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए, उत्पादन इकाइयों व रेलवे का निगमीकरण/निजीकरण बंद करो, मल्टिस्किलिंग के नाम पर पदों को समाप्त करना बंद करो, ठेकेदारी/आउटसोर्सिंग बंद करो, श्रम कानूनों को समाप्त करने का फरमान जारी वापिस लो, देश के किसानों की फसल के समर्थन मूलय को ख़तम करने व एफ.सी.आई. को फसल खरीद से बाहर करना बंद करो, आदि मांगें रखीं ।

इस संबंधी रेल कोच फैक्टरी के कर्मचारीयों ने महाप्रबंधक  रवीन्द्र गुप्ता को एक मांग पत्र भी सौंपा।इस अवसर पर श्री हरविंदरपाल, बचितर सिंह, नरेंद्र कुमार, दलजीत थिंद, प्रदीप सिंह, सुखविंदर सुखी, गुरतेज सिंह, अमरीक गिल, तरलोचन सिंह, मक्खन सिंह, सुनील कुमार, अनिल कुमार, दर्बारा सिंह व अन्य साथी विशेष रूप में उपस्थित थे।

 

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