सीएए और एनआरसी जैसे तुगलकी फरमान वापस ले सरकार – समता सैनिक दल

फोटो कैप्शन : दल के प्रदेश अध्यक्ष जसविंदर वरियाणा और अन्य आगू जानकारी देते हुए

 

जालंधर (समाज वीकली): आल इंडिया समता सैनिक दल (रजि.), पंजाब यूनिट के प्रदेश अध्यक्ष जसविंदर वरियाणा ने एक प्रेस बयान में कहा कि भारत के ग्रह मंत्री अमित शाह का संसद में यह बयान कि 'नागरिक संशोधन के बाद सरकार 2024 तक राष्ट्र एन आर सी पूरा कर लेगी ', ने देश भर में इतनी अशांति पैदा कर दी कि जिस में कई लोग मारे गए और देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं. काफी खून खराबा हो जाने के बाद प्रधान मंत्री नरेंदर मोदी को यह कहने को मजबूर होना पड़ा कि अभी न तो केंद्रीय मंत्री मंडल ने और न ही संसद ने एनआरसी बारे कोई फैसला किया है. सपषट यह है कि यह दोगली निति है जिस पर देश के लोगों को भरोसा नहीं है.

वरियाणा ने कहा कि सरकार के दोनों कदम यानि सीएए और एनआरसी संविधान की प्रस्तावना और विशेष करके संविधान के अनुषेध 14 और 15 का सरासर विरोध है. एनआरसी अल्पसंख्यकों विशेष कर उन गरीबों के लिए गहरा संकट और आफत पैदा करेगी जो जिनके पास अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं होगा. वरियाणा ने आगे कहा कि देश बुरी तरह आर्थिक तौर पर गहरे संकट में है. बेरोजगारी और इस पर कमर तोड़ महंगाई ने जनता को बदहाल कर दिया है. युवा वर्ग बेकारी के कारण आत्म हत्या तक करने पर मजबूर हो गया है.सरकार देश को दरपेश समस्याओं का समाधान करने की बजाय सीएए और एनआरसी जैसी तुगलकी योजनाओं पर अपनी सारी शक्ति खर्च कर रही है. सरकार की नीतियों से दुनियां भर में हमारे राष्ट्र की परतिष्ठा को गहरा धक्का लगा है. आल इंडिया समता सैनिक दल यह मांग करता है कि सरकार यह घोषणा करे कि सीएए और एनआरसी कदापि लागु नहीं होगा और देश के धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ किसी तरह का भेद भाव नहीं होगा. इस अवसर पर वरिंदर कुमार, एडवोकेट कुलदीप भट्टी, बलदेव राज भरद्वाज, तिलक राज, चमन लाल और अन्य हाज़र थे.

जसविंदर वरियाणा, प्रदेश अध्यक्ष