लोक साहित्य कला केन्द्र द्वारा मौजूदा हालातों को समर्पित विशाल त्रै भाषी कवि दरबार आयोजित

कैपशन : लोक साहित्य कला केंदर की ओर से शायरा बीबा कुलविंदर कंवल को फूलों का गुलदस्ता देकर सम्मानित करने का दृश्य

हुसैनपुर (समाज वीकली) (कौड़ा)-  लोक साहित्य कला केंदर एवं साहिबजादा अजीत सिंह इंसटीचिउूट रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला के सहयोग से देश में चल रहे मौजूदा हालातों को समर्पित विशाल त्रै भाषी कवि दरबार गया ।जिसकी प्रधानगी केंदर के सरपरस्त चंन मोमी, सृजणा केन्द्र कपूरथला के महासचिव रोशन खैड़ा, शायरा बीबा कुलविंदर कौर सुलतानपुर लोधी , संस्था के प्रधान बलराज कोहाड़ा एवं एडवोकेट रजिंदर सिंह राणा, ने सांझे तौर पर की। केंदर की ओर से पंजाब के मशहूर लोक गायक सुरों के बादशाह सरदूल सिकंदर की बेवक्त मौत पर गहरे दुख का प्रगटावा किया और दो मिन्ट का मोना धारण करके बिछड़ी रूह को श्रदां‍जलि दी गई। इस के बाद में त्रैभाषी कवि दरबार हुआ।

जिस में उरदू शायर अबरार अंसारी ने हजारों जुल्म हो मजलूम पर तो चुप रहती है दुनिया, शहबाज खान ने कभी मैं याद आउूं , रजिंदर राणा सैदोवालीया ने किसानी आंदोलन को समर्पित, अशवनी जोशी ने बड़ा बेटा बाप का रुतबा रखता है, मनजिंदर कमल ने मैली नजर शाहां दी जिन्नां दे घर नूं जांदी, धर्म पाल पैंथर ने हाकमों बहुती चंगी हुंदी नहीं अड़ी, देस राज बूलपुरी ने सच्च दे संगराम ने हरना नहीं, डॉ राम मूर्ती ने व्रत रही है कला भरावा बण जा लोकां दा, रमेश जादूगर ने महक गुलों की खिले हैं उजाले, जसपाल सिंह चौहान ने सारा देश तैनू करदा सलाम फौजीया, चंन मोमी ने वाड़ खेत न खा जाये, शायरा कुलविंदर कंवल ने हर बार परखिआ है उस ने ईमान साडा, जैलदार सिंह हसमुख ने दिल्लीये नी दिलां दीये कालीये के अलावा कशमीर बिजरौड़, इंदजीत रूपोवाली ओर बलराज कोहाडा ने भी अपनी रचनाओं से हाजरी लगवाई। इस मौके पर रोशन खैड़ा ने अपने विचार पेश करते हुए कहा कि सहित्यकार समाज का दर्पण होते हैं और उसारू साहित्य समाज के लिये मार्ग दर्शक का काम करता है।

कवि दरबार में विशेष तौर नरिंद्र सोनिया सुलतापुर लोधी, रणजीत सिंह खालसा, मनहोर सिंह चड्डा, अरविंद कुमार, सुशील कुमार, सुखविंदर सिंह तनवीर सिंह, बलजिंदर सिंह, परमिंदर पाल, दलबारा सिंह, राम मूर्ति, परमजीत पाल एवं प्रबेध कुमार आदि शामिल हुए। मंच संचालन की भूमिका जैलदार सिंह हसमुख एवं धन्यावाद बलराज कोहाड़ा ने किया।