दिल से तुम्हारे — वादा

कमल

(समाज वीकली)

दिल से तुम्हारे

छोटी सी जिंदगी है तकरार किस लिए,
नफरतों का दिल में व्यापार किस लिए,
जब मोहब्बत से हासिल हो जाए सब कुछ,
फिर दो दिलों के बीच दीवार किस लिए।

अभिमान भरी जिंदगी जीने नहीं देगी,
मोहब्बत के एहसास को छूने नहीं देगी,
अभिमान निश्चित एक रोज़ टूटता जरूर है,
गम के भी आंसुओं को कभी पीने नहीं देगी।

दिल का रिश्ता हर दम ही सच्चा होता है,
इस रिश्ते में ही भगवान खुद बसा होता है,
हर दिल को वो ही भाए जिसका मन साफ रहे,
जीवन में फल इसका सदा अच्छा होता है।

कोई छोटी बात करे तो मत घबराना तुम,
अपने आप को इन बातों से स्वयं बचाना तुम,
दिल को अपने जरा सा बड़ा करके तो देखो,
दे देना अच्छे शब्दों का अनमोल नजराना तुम

कमल
जालंधर
+91 94632 52911

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वादा

झूठा वादा करना माना धोखेबाजी है,
खुदा भी इन बातों से कभी न राज़ी है,
वादा करके मुकर न जाना ओ मेरे हमदम,
जिसने वचन निभाया उस ने जीती बाजी है।

अगर न पूरा हो तो फिर वादा मत करना,
आधी अधूरी दोस्ती का इरादा मत करना,
सच्चाई का वचन निभाना पड़ता है इसमें,
झूठे अंतर्मन से रिश्ता पेचीदा मत करना।

दिया वचन तो फिर पीछे कभी न हटते हैं,
ऐसे रिश्ते जीवन में फूलों सा खिलते हैं,
वादा पूरा किया तो दिल आह्लादित हो जाए,
सच्चे समर्पण से सदा फल अच्छे मिलते हैं।

वादा करके भूल न जाना ओ मेरे हमराही,
सच्ची प्रीत की हो गई है तेरे संग सगाई,
दिल की हर धड़कन सा अब संग रहता है मेरे,
तेरी प्रीत से मेरे मन की तन्हाई मिट पाई।

कमल
जालंधर
+91 94632 52911